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बेवकूफ कुम्हार
एक कुम्हार रास्ते में से गुजर रहा था, उसकी कोई संतान नहीं थी ।तभी उन्होंने देखा कि एक मौलाना बच्चे का कान अमैठ कर डांटते हुए कह रहे हैं अरे गधे के बच्चे मैंने तुझे इंसान बना दिया । यह बात सुनकर कुम्हार सोच में पड़ गया और उसने सोचा "मेरी कोई संतान नहीं है यह मौलाना गधे को इंसान बना देते हैं क्यों ना अपने गधे को भी मैं इनके पास छोड़ दूं और यह मौलाना उसे भी इंसान बना देंगे।"
कुम्हार मौलाना के पास जाता है और कहता है "मौलाना साहब आप तो गधे को इंसान बना देते हैं मेरे पास भी एक गधा है कृपया करके उसे भी इंसान बना दो" कुम्हार मौलाना से मन्नतें करने लगा मौलाना सोचने लगे "यार यह तो बहुत बड़ा बेवकूफ लगता है" वह कह देते हैं "चलो ठीक है कल गधे को ले आना "कल कुम्हार गधे को ले आता है फिर मौलाना कहते हैं "ठीक है मैं से जल्दी ही इंसान बना दूंगा" वह कुमार रोज आता और कुछ ना कुछ मौलाना के लिए लेकर आता मौलाना इसी तरह उस आदमी को ठंग ठग के खाता रहा कुछ भी चाहिए होता वह उससे मंगा लेता और वह खूब ला ला कर देता इस चक्कर में कि मेरा गधा मेरे संतान बन जाएगा काफी दिन गुजर गए कुम्हार बोला "मौलाना साहब मेरा गधा इंसान कब बनेगा" मौलाना ने कहा "अरे ईद की छुट्टी आने वाली है ईद की छुट्टी के बाद आ जाना" , कुम्हार चला जाता है।
ईद के बाद कुम्हार को मौलाना रास्ते में मिल जाते हैं और कुम्हार मौलाना को पकड़ लेता है "मौलाना मेरा गधा जो आपने इंसान बनाया था मुझे दे दीजिए " मौलाना परेशान हो जाते हैं वह क्या करें उन्हें दूर से एक लड़का दिखाई देता है (वह लड़का अपने घर से भागा हुआ होता है )मौलाना कहते हैं "देखो वो रहा तुम्हारा गधा," फिर कुम्हार उस लड़के को जाकर पकड़ लेता है कान पकड़कर कहता है
"चल बे गधे घर को "वह लड़का परेशान हो जाता है यह कौन है सोच में पड़ जाता है कुम्हार उसे जबरदस्ती घर ले जाता है उसे खूब प्यार से रखता है खिलाता है पिलाता है वह लड़का भी खुश हो जाता है वह सोचता है "अगर मैं उसको बता दूंगा कि मैं घर से भागा हुआ हूं ऐसे ऐसे है तो यह मुझे घर से निकाल देगा इससे अच्छा है मैं कुछ बताता नहीं हूं और यही पड़ा रहता हूं।" तो लड़का वहीं रहने लगता है।
इस कहानी में पागल कुम्हार को संतान मिल गई और मौलाना को पागल कुम्हार से छुटकारा और उस लड़के को एक घर मिल गया।😆😆😆


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