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तु बता
झूठ क्यों लगता है मुझको तेरा वजूद
चाहूं मैं जितना भी पर
मिलता नहीं कोई सबूत ,
तेरी पहचान है या कोई
बद गुमासा निशान
मिटा दूं इसे या रहने दु
अब तु ही बता
जिस चेहरे पर यह दिल मरता है
जिसकी बातें हजार करता है
वो है भी या नहीं तु बता,,,,,,
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