Happy new year 2024

इनाम ए इश्क़

लगाया दिल बहुत पर लगा नहीं ,
तेरे जैसा कोई हमको मिला नहीं ,
लिखता था किस्सा तेरा डायरी में
 जो तूने रत्ती भर भी था पढ़ा नहीं ,
जो पन्ना पन्ना करके तूने फाड़े 
वह मेरा दिल था कोई डायरी नहीं,
 मेरा जो दोस्त था उसने दगा दी 
वह निकला गैर और तू भी सगा नहीं,
 जो तूने खत भेजा नाम मेरे 
मेरे खातिर था उसमें कुछ लिखा नहीं,
 तू उसको चाहता था मुझसे ज्यादा 
यह बातें भी तो मुझको थी पता नहीं, 
बिताया तूने मेरे साथ जो पल 
वह टाइमपास था तेरा वफा नहीं ,
जुदाई का जख्म जो हमने झेला
 इनाम ए इश्क था कोई सजा नहीं,

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